हे हमारे स्वर्गिक पिता, तेरा नाम पवित्र माना जाए, तेरा राज्य आए, तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग मे॑ पूरी होती हैं, वैसे पृथ्वी पर भी हो, आज हमें उतना भोजन दे, जो हमारे लिए आवश्यक है, हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हम दूसरों के अपराध क्षमा करते हैं, हमारे विश्वास को मत परख परंतु हमे शैतान से बचा।
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